लाखों छेद हुए हैं दिल पर अब तक, हर इक ज़ख़्म हरा है Unknown October 23, 2018 किस किस ग़म की बात करूं किस्ग़म की,तेरे पास दवा है । लाखों छेद हुए हैं दिल पर अब तक, हर इक ज़ख़्म हरा है । "चौहान" Read More
यही तो बेवसी है यही तो तिश्नगी है - 3 Unknown October 23, 2018 तिल तिल मरना युगो तक जीना प्यासा रहना आंसुओं को पीना उफ़ ना करना जख्मों को सीना यही तो बेवसी है यही तो तिश्नगी है । "चौहान... Read More
सच्च बोलना इतना मुश्किल नहीं होता Unknown October 21, 2018 सच्च बोलना इतना मुश्किल नहीं होता जितना सच्च को सच्च साबित करना मुश्किल होता है । "चौहान" Read More
आज मिलता, इक किनारे से किनारा देखा । Unknown October 21, 2018 आंख खुलते ही नज़र ने, एक नज़ारा देखा, फलक पर भी आज तनहा, एक सितारा देखा । एक नदी से आज मिलती, इक नदी भी देखी, आज मिलता इक किनारे से किनारा दे... Read More
मैं हरफ मैं शब्द मैं किताब ..४ Unknown October 21, 2018 मैं बचपन की अवारगी मैं जवानी की महोब्त मैं बजुरगों की रहबरी मैं कलम मैं खुदा मैं रहमत मैं रज़ा मैं जिन्द्गी मैं कज़ा मैं हरफ मैं शब्... Read More