ए इंसान गिरते गिरते इतना न गिर Unknown November 12, 2018 ए इंसान गिरते गिरते इतना न गिर । इतना इतना छोटा ना हो कि आपकी वजह से कहीं तेरे अपने की आंख छलके और तू उसके आंसू में डूब जाए । "चौहान... Read More
इजाज़त है तो कहूं कुछ - 2 Unknown November 12, 2018 इजाज़त है तो कहूं कुछ बला की खूबसूरत पर हुस्न की मूरत पर निखरते रंगों पर आपकी सादगी आपकी सूरत पर इजाज़त है तो कहूं कुछ मिलन की रूत पर आपकी ... Read More
इजाज़त है तो कहूं कुछ Unknown November 12, 2018 इजाज़त है तो कहूं कुछ फूल की पंखुड़िय़ां तेरे सुर्ख होठों पर काली घनघोर घटा तेरी जुलफ पर इजाज़त है तो कहूं कुछ हुस्न -ए- आफताब पर जिस्म -ए... Read More
नज़रों से नज़रों की शरारत तो देखो Unknown November 11, 2018 ग़ज़ल नज़रों से नज़रों की शरारत तो देखो । आंखों में उलफत की इनायत तो देखो । ना देखो मेरी दिल्लगी ए हमदम, धडकन में चाहत की कयामत तो देखो । ... Read More
जीतना दो तरह का है बाबे Unknown November 10, 2018 जीतना दो तरह का है बाबे एक किसी को हरा देना दूसरा किसी को जीत लेना अब आप ही कहिए कि आपको कैसे जीता जाए सिकंदर की तरह हरा कर या पोरस की तर... Read More
पलकों से चुन दूं कांटे फूल क्या दिल बिछा दूं Unknown November 10, 2018 पलकों से चुन दूं कांटे फूल क्या दिल बिछा दूं ए महजबीं किसी राह गुजरने का इकरार तो कर ऐतबार तो कर । "चौहान" Read More