Saturday, 3 November 2018

जलता इक अहसास

November 03, 2018
माचिस की जलती तीली सा  इक अहसास रोज़ जलाता है मुझे जलती उम्मीदें  जलते खाब उठती लपटें दिखाई देती हैं मुझे फिर क्योंं कुछ राख नहीं होता क्यो...

Friday, 2 November 2018

कुछ होश भी है ऐ दस्त-ए-जुनूँ

November 02, 2018
कुछ होश भी है ऐ दस्त-ए-जुनूँ देख क्या हुआ दामन तक आ गया है गरेबाँ फटा हुआ अल्लाह रे ये कमसिनी इतना नहीं ख़्याल मय्यत पे आके पूछते हैं इ...