क्या समझे, कुछ नहीं समझॆ ... Unknown November 09, 2018 एक को खुश करने के लिए दूसरे को नराज करना सही कैसे हो सकता है क्या समझे कुछ नहीं समझॆ किसी को फूल देने से कोई खुश है फूल टूट जा... Read More
मुश्किलों से उलझे बगेर कामयाब होना नामुमकिन जैसा है । अगर कहीं Unknown November 07, 2018 मुश्किलों से उलझे बगेर कामयाब होना नामुमकिन जैसा है । अगर कहीं कामयाबी मिल भी जाए तो, मुश्किलों को समझे बगेर कामयाबी को लंबे समय तक ... Read More
जुगनू आशिक नहीं,आशिक परवाने होते हैं Unknown November 06, 2018 जुगनू आशिक नहीं,आशिक परवाने होते हैं । "चौहान" Read More
टपकता है निगाहों से, वो लहू कहां अब । Unknown November 04, 2018 ग़ज़ल टपकता है निगाहों से, वो लहू कहां अब । दूसरे की लगे अपनी, आबरू कहां अब । देख ले एक नजर उसको ,है दुआ खुदा ये, ज़िन्दगी भर मिल... Read More
इससे बड़ा ग़म, इससे बड़ा दर्द Unknown November 03, 2018 आपके दिल में हूं इससे बड़ी खुशी इससे बड़ी प्राप्ति क्या होगी मेरे लिए आपके दिल में हूं आपके दिल की धड़कन में आपकी सोच में आपके ख्वाब में... Read More