Saturday, 17 November 2018

कोई ठग चोर नहीं मैं, दिल दे कर दिल लेता हूं ।

November 17, 2018
ग़ज़ल इश्क प्याला पीता हूं । मस्ती में ही रहता हूं । दर्द मिला है बिरहन का, मैं कहता हूं सहता हूं । कोई ठग चोर नहीं मैं दिल दे कर दिल लेता हू...

मोहब्बत का बसेरा

November 17, 2018
मोहब्बत के बसेरे के लिए सोने के महल की नहीं लाज़िम है कोमल भावनाओं को समझने की औकात रखना । "चौहान"

Friday, 16 November 2018

खुशियों की सभी इनायतें

November 16, 2018
कोई अपना सा हक दिखाएं तो लगता है जैसे खुशियों की सभी इनायतें मेरी झोली में आ गिरी हो किसी पर मैं हक जताऊ मेरी इतनी औकात कहां ? "चौहान...

Wednesday, 14 November 2018

फिर उसी रहगुज़ार पर शायद

November 14, 2018
फिर उसी रहगुज़ार पर शायद हम कभी मिल सकें मगर शायद जान पहचान से ही क्या होगा फिर भी ऐ दोस्त ग़ौर कर शायद जिन के हम मुन्तज़िर रहे उनको मिल गय...

ये वादियाँ वो चांद तारे सब खूबसूरत नज़ारे

November 14, 2018
फिर ना मिलेगे कह कर दिन प्रतिदिन बीतते दिन गुज़र रहे हैं आपकी चुप्पी है अपनी जिद पर कायम मेरी चुप्पी है अपनी जिद पर कायम ये वादियाँ वो चांद ...