दुनिया ड़रती है, दुनिया की बेवफ़ाई से Unknown November 18, 2018 दुनिया ड़रती है दुनिया की बेवफ़ाई से दिल को मेरे महबूब आपकी वफ़ा से ड़र लगता है । "चौहान" Read More
कोई ठग चोर नहीं मैं, दिल दे कर दिल लेता हूं । Unknown November 17, 2018 ग़ज़ल इश्क प्याला पीता हूं । मस्ती में ही रहता हूं । दर्द मिला है बिरहन का, मैं कहता हूं सहता हूं । कोई ठग चोर नहीं मैं दिल दे कर दिल लेता हू... Read More
मोहब्बत का बसेरा Unknown November 17, 2018 मोहब्बत के बसेरे के लिए सोने के महल की नहीं लाज़िम है कोमल भावनाओं को समझने की औकात रखना । "चौहान" Read More
खुशियों की सभी इनायतें Unknown November 16, 2018 कोई अपना सा हक दिखाएं तो लगता है जैसे खुशियों की सभी इनायतें मेरी झोली में आ गिरी हो किसी पर मैं हक जताऊ मेरी इतनी औकात कहां ? "चौहान... Read More
चांद सूरज तारों के, हुस्न से सब वाकिफ़, Unknown November 15, 2018 चांद सूरज तारों के, हुस्न से सब वाकिफ़, हम लिखे कैसे तेरी सादगी से बेहतर ! " चौहान" Read More
फिर उसी रहगुज़ार पर शायद Unknown November 14, 2018 फिर उसी रहगुज़ार पर शायद हम कभी मिल सकें मगर शायद जान पहचान से ही क्या होगा फिर भी ऐ दोस्त ग़ौर कर शायद जिन के हम मुन्तज़िर रहे उनको मिल गय... Read More
ये वादियाँ वो चांद तारे सब खूबसूरत नज़ारे Unknown November 14, 2018 फिर ना मिलेगे कह कर दिन प्रतिदिन बीतते दिन गुज़र रहे हैं आपकी चुप्पी है अपनी जिद पर कायम मेरी चुप्पी है अपनी जिद पर कायम ये वादियाँ वो चांद ... Read More